शब्द साहित्य
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कंकाल भीमसेन का पुत्र वीर विकराल बहुत, जिसकी माला में गूथे कंकाल बहुत। रूप भयावह धरे दनुज रण में उतरे, तंत्र मंत्र भ्रम माया है…
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